वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह) :- इंडियन ऑयल कारपोरेशन रिफाईनरी में दो नई परियोजनाओं हेतु जन सुनवाई कार्यक्रम रखा गया। जिसमें उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में यह सुनवाई की गई। इस जन सुनवाई में पानीपत रिफाईनरी के कार्यकारी निदेशक गोपालचन्द्र सिकदर सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कवलजीत सिंह, निगम के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कल्याण के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह जन सुनवाई पनीपत रिफाईनरी एवं पैट्रो कैमिकल काम्पलैक्स में लगाई जाने वाली दो परियोजनाओं पानीपत रिफाईनरी का 15 एमएम टीपीए से 25 एमएम टीपीए का विस्तारीकरण तथा  450 केटीए उत्पादन की क्षमता की पोली प्रोपेलीन अतिरिक्त इकाई की स्थापना के दृष्टिगत रखी गई थी।

उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि इन दोनों इकाईयों के लगने से आसपास के गांवों की उन्नति होगी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इन इकाईयों में रिफाईनरी से लगते गांवों को हर कार्य में प्राथमिकता दी जाए और जो भी मापदण्ड भारत सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा तय किए जाते हैं। उसी के तहत कार्य भी किए जाएं।  उन्होंने विभिन्न गांवों के सरपंचों व प्रतिनिधियों की जल निकासी व पीने के पानी की समस्या को तुरन्त प्रभाव से दूर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में प्रदूषण की समस्या आ रही है, कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से वहां की खेतों की मिट्टी के सैम्पल लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव वासियों और रिफाईनरी की जो भी समस्याएं हैं, वे बैठकर दूर की जाएंगी। गांवों के बच्चों के लिए रिफाईनरी की ओर से प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिल सके। उन्होंने कहा कि इन इकाईयों में पर्यावरण संरक्षण की पहल के तहत शुद्ध ईंधन का प्रयोग किया जाएगा, जिससे प्रदूषण नहीं होगा।  यही नहीं, पर्यावरण संरक्षण की पहल को अपनाते हुए पेड़-पौधे भी उगाए जाएंगे।

उपायुक्त धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी औद्योगिक परियोजना के निर्माण से पहले पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत उसके सुधारों के अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति देनी आवश्यक है। इसलिए इस पर्यावरणीय जन सुनवाई को आयोजित किया गया है ताकि प्रस्तावित योजना को स्थानीय लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके और उनके सुझावों को पर्यावरणीय प्रभाव आकलन रिपोर्ट में शामिल किया जा सके ताकि भविष्य के लिए बेहतर पर्यावरणीय प्रबंधन योजना तैयार की जा सके। उन्होंने कहा किये जन सुनवाईयां आमजन के हित के लिए आयोजित की जाती है। ध्वनि, हवा, जल, भूमि पारिस्थितिक, जल-भू वैज्ञानिक तथ्य, जलवायु और सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण जैसे विभिन्न तत्वों पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जाती है। डीसी धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि उक्त परियोजनाओं से सम्बन्धित मामलों में जो भी ग्राम पंचायतें अपने सुझाव देना चाहती हैं, वे पंचायतें या व्यक्तिगत रूप से लिखित में दे देंवे। 

रिफाईनरी के कार्यकारी निदेशक एवं रिफाईनरी प्रमुख गोपालचन्द्र सिकदर ने उपस्थित लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि रिफाईनरी से लगते गांवों में सीएसआर के तहत करोड़ों रूपये के काम करवाए गए हैं। रिफाईनरी किसी भी कार्य में पीछे नहीं है। भविष्य में भी रिफाईनरी की ओर से हर सम्भव सहायता मिलती रहेगी। रिफाईनरी के एसटीएसएम बिजु शाह ने पोली प्रोपेलीन यूनिट और रिफाईनरी क्षमता के विस्तारीकरण को लेकर उपस्थित जन समूह के सामने विस्तार से जानकारी दी और लोगों के प्रश्रों के उत्तर दिए।

इस मौके पर हितेश आर शाह मुख्य महाप्रबंधक तकनीकी सेवाएं च अन्य मुख्य महाप्रबंधकों सहित डीजीएम एचाआर अनिल यादव, प्रबंधक प्रशासन एवं कल्याण जोगिन्द्र सिंह, सीएसआर के वरिष्ठ प्रबंधक राकेश रोशन भी उपस्थित थे।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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