वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह):- कोरोना के दौर में भी बाल विवाह चालू हैं। लेकिन इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया जहां एक किशोरी ने खुद अपनी शादी रुकवाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। 6 महीने पहले लड़की घर से भागी। उसने कोर्ट में अपनी उम्र 19 साल बताई। गोद लिए माता-पिता ने पुलिस को दी शिकायत में 15 साल बताई। सीडब्ल्यूसी ने काउंसिलिंग की तो लड़की ने अपनी उम्र 17 साल बताई। फिर पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई में लिखा कि लड़की बालिग है और परिवार को सौंप दिया।

अब लड़की को गोद लिए माता-पिता ने शादी करानी चाही तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बाल विवाह निषेध अधिकारी एवं महिला संरक्षक अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि 23 अगस्त को उनके पास बाल विवाह की शिकायत आई। मूल रूप से लड़की का परिवार हिसार का रहने वाला है। लड़की 2 मार्च को घर से भागी तो माता-पिता ने 17 को शिकायत दी कि हमारी 15 साल की लड़की घर से एक लड़के के साथ भाग गई है। 19 मार्च को लड़की थाने में पेश हुई और बोली वह बुआ के घर थी, और किसी ने उसके साथ गलत नहीं किया।

पुलिस और सीडब्ल्यूसी की जांच में किसी ने लड़की की असल उम्र जांचने की कोशिश ही नहीं की। काउंसिलिंग में बताया कि वह 17 साल की है। पुलिस ने भी उम्र की जांच नहीं की। जबकि लड़की ने कोर्ट में अपनी उम्र 19 साल बताई। जबकि असल में लड़की उम्र 17 साल के करीब ही निकली है।

अब बाल विवाह कर रहे थे तो ऐसे रुकवाई शादी

प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि 23 अगस्त को उनके पास शिकायत की 24 अगस्त को एक लड़की का बाल विवाह हो रहा है। इसके बाद पूरे केस में स्टडी की गई तो निकल कर आया कि लड़की 6 महीने पहले घर से भागी थी,  इसके बाद मां ने शिकायत दर्ज कराई की कि लड़की 15-16 साल  की है और वो एक पड़ोस के लड़के के साथ भागी है। इसके बाद लड़की पुलिस के पास पेश हुई और कहा कि वो अपने बुआ के घर रह रही थी, लेकिन पूरे केस में पुलिस और सीडब्ल्यूसी ने अपनी काउंसिलिंग में लड़की की सही उम्र नहीं पता कर पाई। लड़की के गोद लिए माता-पिता ने उसका बाल विवाह कराना चाहा तो हमारे पास शिकायत आई। अधिकारी रजनी गुप्ता ने उसके असली माता-पिता को 18 साल की होने तक उस शादी रुकवा दी है।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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