वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा) -: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिस वालों की हत्या के आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को  एनकाउंटर के दौरान मारे जाने की खबर आई है। जिस  पर देश के चर्चित कवि कुमार विश्वास ने खुशी जताई है। बता दें कि आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शुमार है जिन्होंने विकास दूबे के  एनकाउंटर पर  ट्वीट किया है- ‘फ़िल्मी-पटकथाओं में तो वास्तविकता बची नहीं है पर वास्तविकताओं में खूब फ़िल्मी पटकथा बची हैं, #vikasDubeyEncounter।’ वहीं कुमार विश्वास ने विकास दुबे की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद भी ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था – ‘राजनीति, अफ़सरशाही व सत्ता के कलंकित घालमेल का अनवरत उत्पाद है #VikashDubey ! पिछले 7 दिनों में 27 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश की निर्वाचित सरकार और उसकी पुलिस को इस शख़्स ने जिस तरह से बेनक़ाब करके नचाया है उससे साफ़ है कि अपराधियों और सरकारों के गठबंधन से उप्र न आज़ाद था न है।’  अपने कटाक्ष और तंज के जरिये राजनीतिक और सामाजिक विद्रूपताओं पर प्रतिक्रिया के लिए जाना माना नाम है  कुमार विश्वास । 

 बृहस्पतिवार को जैसे ही विकास दुबे के मध्य प्रदेश से पकड़े जाने की खबर फैली थी। तो सभी की जुबां पर बस यहीं सवाल था आखिर वह दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान को पार कर मध्य प्रदेश कैसे पहुंचा। एसटीएफ समेत प्रदेश पुलिस, खुफिया एजेंसियां विकास दुबे की तलाश में थी। लेकिन वह दूसरे प्रदेश में घूम रहा था।

वहीं देवेंद्रपुरी कॉलोनी के सभासद व राहुल के पड़ोसी आशीष त्यागी का कहना है कि जिस अपराधी को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश की पुलिस अलर्ट पर थी। वह यूपी से निकलकर दिल्ली, हरियाणा से होकर मध्यप्रदेश तक कैसे पहुंच गया। यह बड़ा सवाल है। आखिर पुलिस का खुफिया तंत्र कैसे विफल हो गया। राहुल के पिता सेवानिवृत्त दारोगा ओमकुमार सिंह का भी कहना है कि आखिर इतना बड़ा अपराधी कैसे प्रदेश की सीमा पार कर सकता है। वो भी उस समय जब प्रदेशों की सीमाएं पूरी तरह सील हैं। जिस अपराधी को पकड़ने के लिए जनपदों में उसके पोस्टर तक लगा दिए गए। वह कैसे पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया। खैर अब एनकाउंटर में विकास दुबे के मारे जाने पर लोगों ने भी यूपी पुलिस की सराहना की है।  

TEAM VOICE OF PANIPAT

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