वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में हिंसा हुई थी. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो गई थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अब हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिजनों से मुलाकात करने मेरठ जा रहे थे, लेकिन यूपी पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया. धारा 144 का हवाला देकर प्रशासन ने दोनों को वापस भेज दिया, जिसके बाद वह परतापुर से ही वापस आ गए. जब पुलिस ने राहुल-प्रियंका को पूछा तो राहुल ने उनसे पूछा कि क्या आपके पास ऑर्डर है.

कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल-प्रियंका को मेरठ में घुसने से रोका गया है. हालांकि, राहुल-प्रियंका की तरफ से सिर्फ तीन लोगों के अंदर जाने की इजाजत मांगी गई लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया … मेरठ में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान जो हिंसा हुई थी, उसमें चार लोगों की मौत हो गई थी.

बता दें कि अभी मेरठ में धारा 144 लागू है और इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि करने पर रोक है. एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार का कहना है कि मेरठ में 144 धारा लागू है, प्रियंका और राहुल को बताया गया कि काफी भीड़ वाला इलाका है. ऐसे में अगर शांति भंग होती है, तो जिम्मेदारी उनकी ही होगी. जिसके बाद राहुल-प्रियंका मेरठ के परतापुर इलाके से वापस हो गए.

इससे पहले प्रियंका बिजनौर भी गई थीं और हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की थी. गौरतलब है कि सोमवार को ही कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के राजघाट पर CAA के खिलाफ सत्याग्रह किया था, जिसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हुए थे.

TEAM VOICE OF PANIPAT

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