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वर्दी का रौब दिखाने और मनमर्जी से केस को बदल देने वाले पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अब बच नहीं पाएंगे

वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह)

वर्दी का रौब दिखाने और मनमर्जी से केस को बदल देने वाले पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अब बच नहीं पाएंगे। पिछले करीब पांच साल से निष्क्रिय हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण काे सरकार ने सक्रिय कर दिया है। रिटायर्ड आईएएस रामनिवास को इसका चेयरमैन नियुक्त किया गया। रामनिवास होम सेक्रेटरी भी रह चुके हैं और पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानते हैं। रामनिवास ने कार्यभार संभाल लिया है, अब तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आम जनता की आने वाली शिकायतों की जांच खुद महकमा ही करता था। ऐसे में आरोपियों को महकमे का फायदा मिलने के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन अब प्राधिकरण पीड़ित के एक शपथ पत्र पर एक्शन लेगा। उसके पास तारीखों पर न आने वाले अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ अरेस्ट वारंट तक जारी करने का अधिकार होगा। बता दें कि प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रदेश में हर साल 450 से 488 तक केस आ रहे हैं। प्रदेश में करीब 45 हजार पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं।


ऐसी शिकायतें कर सकेंगे
 प्राधिकरण में 10 साल से ज्यादा सजा के मामले के अलावा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ रेप केस में जांच न करना या सही न करना।
 पुलिस कस्टडी में मौत, किसी को केस में फंसाने की धमकी देना या फंसाना, प्रॉपर्टी पर कब्जा करना या ऑर्गेनाइज अपराधों में शामिल होने की शिकायतें की जाएंगी।


शिकायत में दिए तथ्य सही मिले तो होगी पूरी जांच
हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण के पास सिविल कोर्ट की पावर होगी। प्राधिकरण पुलिस के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की पहले प्राथमिक जांच करेगा। तथ्य ठीक पाए जाते हैं तो पूरी जांच होगी। इसमें दोनों पक्ष सम्मन देकर बुलाए जाएंगे और सिविल कोर्ट की तरह दोनों पक्षों की सुनवाई होगी। कर्मचारी और अधिकारी के दोषी पाए जाने पर आयोग सरकार को संबंधित के खिलाफ एफआईआर या अन्य कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। आयोग कार्रवाई के लिए पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों को भी सिफारिश कर सकता है।
ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी
 प्राधिकरण 1 माह में पूरी तरह काम करने लगेगा। इसका आॅफिस चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में होगा। अभी बिल्डिंग का काम पूरा होने तक चेयरमैन सचिवालय में ही बैठेंगे।
 चेयरमैन का कार्यकाल 3 साल का होगा। उनके अलावा प्राधिकरण में तीन और सदस्य होंगे, जिनका मनोनयन जल्द किया जाएगा।
 पीड़ित पुलिस के खिलाफ शपथ पत्र दे सकता है। ऑनलाइन शिकायत की सुविधा मिलने लगेगी।

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