पांच साल की मासूम के प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाने के दोषी को 15 साल की सजा, 40 हजार रुपये का जुर्माना

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
पांच साल की मासूम के प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशि बाला चौहान ने 15 साल की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने बच्ची के पुनर्वास एवं भविष्य के लिए चार लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश भी सरकार को दिए हैं। दोषी चंदन पुत्र किशोरी लाल मूल रूप से सराय, जिला उन्नाव उत्तर प्रदेश का वासी है। यहां वह मॉडल टाउन थाना क्षेत्र में रह रहा था।


पीड़िता पक्ष की एडवोकेट सुदेश कुमारी ने बताया कि मॉडल टाउन थाना क्षेत्र में रह रही एक महिला ने 20 जनवरी 2018 को पुलिस को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि वह मूल रूप से नेपाल की है, पति घर छोड़कर जा चुका है। तीन बेटियों के साथ वह किराये के घर में रह रही है। 14 जनवरी 2018 को बड़ी बेटी पड़ोसी के घर टीवी देखने और वह सब्जी लेने मंडी गई थी। बाकी दोनों बेटियां घर में थी। इसी दौरान पड़ोस के घर में किराये पर रह रहा चंदन आया और छोटी बेटी को अपने कमरे में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। साथ ही बच्ची के प्राइवेट पार्ट को चोट पहुंचाई।

शिकायत करने वाली महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि झिझक के कारण वह किसी को इस मामले के बारे में बता नहीं सकी। शिकायत के बाद पुलिस ने 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। बच्ची का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में बयान कराए गए थे।
पुलिस ने 25 जनवरी को आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। मंगलवार को कोर्ट ने सजा सुना दी। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी..
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