वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा से टिकट के दावेदार समालखा के विधायक रविंद्र मछरौली पर स्टेट बैंक का शिकंजा कसने लगा है। ऋण न लौटाने पर उनकी सात संपत्तियों पर सांकेतिक कब्जा का नोटिस दिया है। स्टेट बैंक से जारी नोटिस सोशल मीडिया पर रविवार को दिन भर वायरल होती रही।
मछरौली वासी रविंद्र मछरौली वर्ष 2014 में समालखा से आजाद प्रत्याशी के तौर पर विधायक चुने गए। सीएम मनोहर लाल के आर्शीवाद से एक महीने पहले भाजपा में शामिल हो गए। आनन-फानन में एक कार्यक्रम आयोजित कर बड़े-बड़े नेताओं को आमंत्रित किया। भाजपा से टिकट की दावेदारी भी जता दी।


चडीगढ़ स्थित भारतीय स्टेट बैंक की प्रतिवलित परिसंपत्ति प्रबंधन शाखा (सेक्टर 8 सी) से कब्जा सूचना का नोटिस दिया गया है। नोटिस में बताया गया है कि प्रतिभूति ब्याज (प्रवर्तन) नियम 2002 के तहत दिए शक्तियों का प्रयोग करते ऋणकर्ता को एसबीआइ के कथित अधिनियम की धारा 13 (2) के तहत 13 दिसंबर 2017 को मांग सूचना जारी की। इस सूचना के 60 दिनों के भीतर कथित राशि पर ब्याज सहित 18.30 करोड़ की राशि भुगतान करने के लिए कहा गया था।


विधायक इस राशि को चुकाने में जब असफल रहे तो 5 सितंबर 2019 को प्रतिभूति ब्याज नियम 2002 की धारा 13 (4) में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सात संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया। भाव ब्याज सहित यह राशि अब 19.86 करोड़ हो गई है। जो ऋणकर्ता को स्टेट बैंक को चुकाना होगा।
बैंक के इस नोटिस पर विधायक रविंद्र मछरौली से उनका पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो पहले उन्होंने रोहतक रैली में जाने की बात कही। उसके बाद रात 8 बजे तक बार-बार उन्हें कॉल करने पर भी रिसीव नहीं किया। व्हाटसएप पर दिए मैसेज का जवाब भी नहीं आया।
TEAM VOICE OF PANIPAT

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