वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
फार्मस्सिट जहरीला इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली…छह पेज के सुसाइड नोट में उसने सरकारी अध्यापिका पत्नी और रिटायर्ड एएनएम सास पर आरोप लगाए हैं। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना हरियाणा के पानीपत की है।


असंध रोड, लतीफ गार्डन के पास स्थित एक मकान में पानीपत व करनाल जेल फार्मासिस्ट ने उसकी दूसरी पत्नी, सास, साली, साला सहित पार्टनर की लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। फार्मासिस्ट ने सुसाइड करने से पहले पांच पेज के सुसाइड नोट सहित एक पेज का हिसाब-किताब का ब्योरा लिखा। इसके बाद उसने उसके बड़े बेटे को व्हाट्सअप पर मैसेज किया और उसे जरूरी काम है, घर आने की बात कही। बेटे को मैसेज करने के बाद उसने खुद का जहरीला इंजेक्शन लगा लिया और आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट के आधार पर और बेटे की शिकायत पर मॉडल टाउन चौकी पुलिस ने उक्त पांचों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या करने को मजबूर करने की धारा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। बुधवार को शव को सामान्य अस्पताल में पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया। वीरवार को पोस्टमार्टम करवा कर पुलिस आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।

सुसाइड नोट में लिखा कि मैं बलवान पुत्र रघबीर सिंह निवासी मकान नंबर 222 लतीफ गार्डन अपने होश हवास से लिख रहा हूं कि मेरी पहली शादी संगीता के साथ हुई थी। जिसकी बीमारी के कारण 2011 में मौत हो गई थी। पहली शादी से मोनिका(24), नवीन(21) व विवेक(16) तीन बच्चे है। इसके बाद दिसंबर 2016 में मेरी शादी किरण पुत्री रणसिंह निवासी मकान नंबर 1937, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रोहतक के साथ हुई थी। शादी के बाद से किरण के साथ उसकी मां निर्मला, बहन मोनिका व भाई निखिल ने मुझे मानसिक व शारीरिक रुप से परेशान करना शुरू कर दिया था…साथ ही उक्त चारों ने दबाव डाला कि निर्मला कमेटी डालती है, तो मैं खुद की व मेरे दोस्तों की उसके पास कमेटी भी डाल लू। जिस दबाव के चलते मैंने खुद की व मेरे जानकारों की साढ़े 46 लाख रुपयों की कमेटी निर्मला के पास डाल ली। ये पूरी कमेटी लेने के बाद, उसने कमेेटी का एक भी रुपया वापस नहीं लौटाया। इतना ही नहीं रुपये वापस मांगने पर उक्त चारों आरोपियों ने रुपये मांगने पर मेरे साथ मारपीट तक करनी शुरू कर दी थी व परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देनी शुरू कर दी।


जून 2018 में किरण, अपने परिवार के साथ मेरे घर से मेरी पहली पत्नी का 30 तोले सोने के आभूषण भी ले गई। जिसकी मैं लगातार मांग करता रहा, तो अप्रैल 2019 में किरण ने मेरे खिलाफ महिला थाना में रेप का केस दर्ज करवा दिया। जोकि पुलिस जांच में झूठा पाया और वो केस भी रद्द हो गया था। लेकिन पुलिस ने इस केस में दुष्कर्म की धारा हटा कर दहेज मांग सहित दो धाराओं में केस दर्ज कर लिया। जिसकी याचिका मैंने कोर्ट में डाली हुई है।
अब उक्त चारों आरोपी केस को बिल्कुल रफा-दफा करने के लिए मेरे से मेरा मौजूदा मकान, गांव के डेढ़ कीला जमीन व गुरूग्राम डीएलएफ कॉलोनी वाला फ्लैट की मांग करने लगे। जिस न देने पर आरोपी मुझे मेरे परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने लगे। इस तरह की तमाम धमकियों से मैं मानसिक रुप से परेशान रहने लगा। 4 सितंबर 2019 को मैं जहरीला इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदारों को बख्शा न जाए।
बेटे का किया आखिरी मैसेज, जल्दी घर आ जाओ


बुधवार की सुबह 6 बजे बलवान उठा और वॉशरूम की ओर गया। जहां उसका बेटा भी शौच के लिए आया। उसने बेटे से कहा कि उसने स्कूल की छुट्टी की है, तो वो घर पर ही पढ़ लें। जिस पर बेटे ने कहा कि वो अभी थोड़ी देर और सोएगा, उठ कर फिर पढ़ेगा। इसके बाद दोनों अपने-अपने कमरे में चले गए। सुबह 10.22 बजे उसने अपने दूसरे बेटे को व्हाट्सअप किया। जिस मैसेज में उसने लिखा कि अर्जेंट काम है, घर आ जा। मैसेज पढ़ते ही बेटे ने पिता को फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उसने छोटे भाई को फोन किया, तो उसने भी रिसीव नहीं किया।
इसके बाद बेटा 10.57 पर घर पहुंचा, तो उसने पिता को बेड पर मृत अवस्था में देखा। मृतक बलवान की बड़ी बेटी मोनिका महाराष्ट्र से एमबीबीएस पास है और वहीं एक संस्थान में ट्रेनिंग पर है। बेटा नवीन इग्नू यूनिवर्सिटी से पहले साल से एमए कर रहा है। साथ ही वो अपनी मौसेरी बहन रीचा की ससुराल में मानपुरा करनाल में अपने जीजा के साथ पोल्ट्री फार्म पर काम करता है। छोटा बेटा विवेक 11वीं कक्षा का छात्र है। सुसाइड नोट में बेटे नवीन को लिखा कि बेटा मैं बहुत कुछ करना चाहता था, लेकिन इन्होंने सब पर पानी फेर दिया। अपनी बहन व छोटे भाई का ख्याल रखना।
मृतक के बेटे की शिकायत पर उक्त चारों सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पांचवां आरोपी बलवान का मेडिकल स्टोर पार्टनर टैनी उर्फ पुत्र ज्ञान सागर निवासी हरिबाग कॉलोनी, पानीपत है। जिसने सुसाइड नोट के हिसाब से बलवान के 10 लाख रुपये देने हैं। आरोपी किरण, गांव गढ़ी सिकंदरपुर में सरकारी अध्यापिका है। आरोपी निर्मला 2018 में पीजीआई रोहतक से रिटायर्ड एएनएम है। इसके अलावा बाकी तीनों आरोपी किरण के भाई-बहन हैं। केस दर्ज कर लिया गया है।
TEAM VOICE OF PANIPAT

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