वायस ऑफ पानीपत (देेवेंद्र शर्मा)

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, पानीपत द्वारा आज रिफाइनरी टाउनशिप के सामुदायिक केंद्र में 41वीं बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अध्यक्ष नराकास, मुख्य महाप्रबंधक(प्रभारी) जी.सी. सिकदर ने बैठक की अध्यक्षता की..बैठक में मंचासीन गणमान्यों में अध्यक्ष महोदय के साथ राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय से सहायक निदेशक, नरेंद्र सिंह मेहरा, भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान, करनाल से डॉ अनुज कुमार, पीआरपीसी से अनिल कुमार महाप्रबंधक (प्रभारी) एचआर एवं एस.के. त्रिपाठी, महाप्रबन्धक(प्रशा. व क.,सीसी,सीएसआर) रहे…

नराकास पानीपत द्वारा नव पहल के तहत प्रथम बार नराकास करनाल के साथ संयुक्त बैठक की गई, जिसमें नराकास पानीपत सहित करनाल के सदस्य कार्यालयों से 125 प्रतिभागियों ने भाग लिया…बैठक में सदस्य सचिव–पानीपत एवं करनाल ने अपनी-अपनी नराकासों की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया…

इस अवसर पर अध्यक्ष सिकदर ने कहा कि – “यह हम सब के लिए बड़े हर्ष की बात है कि आज नराकास पानीपत द्वारा आयोजित बैठक में नराकास करनाल के सदस्य सम्मिलित हुए है, जिससे नराकास सदस्य कार्यालयों को एक दूसरे से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला..निश्चित ही सभी सदस्य कार्यालय एक दूसरे के  द्वारा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में किए गए अभिनव कार्यों का अनुपालन अपने अपने कार्यालय मे सुनिश्चित करवाएँगे.. उन्होने यह भी कहा कि हिन्दी को एक जुनून की तरह हमें दिल से अपनाना होगा, तभी राजभाषा का कार्यान्वयन हम लोग पूरी तरह से कर सकेंगे और हम भारत सरकार द्वारा दिये गए लक्ष्य को पूरा कर पाएंगे…

 

इस अवसर पर गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह मेहरा, सहायक निदेशक ने बैठक में आज की उत्साहवर्धक उपस्थिति को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि  पानीपत रिफाइनरी द्वारा संयुक्त बैठक करने का यह प्रयास बहुत सराहनीय है…नराकास पानीपत एवं नराकास करनाल हिन्दी कार्यान्वयन के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रही है…उन्होने इसे और भी मजबूती देने के लिए अपने सुझाव व्यक्त कर दोनों नराकासों का मार्गदर्शन किया..

बैठक में उपस्थित डॉ अनुज कुमार ने अपने औजस्वी व्यक्तव्य से सभी लोगो को हिन्दी को अपनाने की प्रेरणा दी…उन्होने कहा हमारी राजभाषा हमारी साधना है, जो कि जीवन के सुंदर भावों से हमें परिचित करवाती है..इसके बाद अध्यक्ष महोदय ने मंचासीन सदस्यों की उपस्थिति में उन सभी कार्यालयों एवं हिन्दी समन्वयकों को, जिन्होने अपने कार्यालयों में अच्छा काम किया है, को नराकास पानीपत की ओर से शील्ड और सम्मान-पत्र प्रदान किए…शील्ड और सम्मान पत्र प्राप्त करने वाले बड़े कार्यालयों में प्रथम स्थान पर नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, पानीपत, द्वितीय स्थान पर आईओसीएल, उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइंस, पानीपत एवं तृतीय स्थान पर प्रधान डाकघर, पानीपत रहे तथा छोटे कार्यालयों में प्रथम स्थान पर पंजाब एंड सिंध बैंक, पानीपत, द्वितीय स्थान पर ओरियंटल इन्शुरेंस कंपनी लिमिटेड, पानीपत एवं तृतीय स्थान पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पानीपत रहे…पीआरपीसी से विभागीय हिन्दी समन्वयक सुधीर कुमार, वंदना खरबन्दा, प्रभात कुमार पुष्कर एवं जोगिंदर पाल को उत्कृष्ट हिन्दी समन्वयक का पुरस्कार दिया गया..इस अवसर पर मंचासीन गणमान्यों द्वारा नराकास- पानीपत की अर्द्धवार्षिक पत्रिका स्नेहधारा का भी विमोचन किया गया..

बैठक में स्वागत सम्बोधन एस. के. त्रिपाठी एवं धन्यवाद ज्ञापन राकेश रौशन, वरिष्ठ प्रबंधक (सीसी,सीएसआर, हिन्दी) ने किया तथा बैठक का संचालन प्रीति साह, सदस्य सचिव, नराकास द्वारा किया गया….

TEAM VOICE OF PANIPAT

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