वायस ऑफ पानीपत (देेवेंद्र शर्मा)

मीट की अवैध दुकानों पर कार्रवाई के लिए शहर में दो दिन से मचे हंगामे के बीच पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने बैठक ली। यह बैठक सेक्टर-12 स्थित ग्रीन पार्क में मीट व्यापारियों और दुकानदारों के बीच हुई। पूर्व मेयर ने सरकार और निगम का रुख साफ किया। दुकानदारों को दो दिन में व्यवस्था बनाने की मोहलत दी। नगर निगम कमिश्नर समेत दूसरे अधिकारी बैठक से दूर रहे। खानापूर्ति करने के लिए डीसी रेट पर नियुक्त एक कर्मचारी को इस बैठक में भेजा गया।

पूर्व मेयर ने कहा कि शहर में धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की कोई भी दुकान नहीं होगी। वे यहां से अपनी दुकानों या रेहड़ी को दूसरी जगह शिफ्ट कर लें। अन्यथा इसे तुरंत सील कर दिया जाएगा। शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर खुलेआम मांस काटा जाता है। वहीं पर रखकर बेचा भी जाता है। वे बाहर दुकान का बोर्ड लगा सकते हैं। दुकानों में शीशे लगाकर रखें। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार नहीं करेगी। शहर के बाहर 5-6 एकड़ में स्लाटर हाउस शिफ्ट किए जाएंगे। यहां से नियमानुसार दुकानों पर मीट लाया जा सकेगा। नगर निगम के हाउस की अगली बैठक में इस पर समर्थन मांगा जाएगा। पूर्व मेयर ने इसके लिए 24 घंटे का समय दिया था। मीट व्यापारियों के प्रतिनिधि पप्पू ने मंगलवार तक का समय देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे दो दिन में दुकानों के अंदर और बाहर व्यवस्था बना लेंगे। पूर्व मेयर ने बुधवार को नियमों को तोड़ने वालों की दुकानें सील करने की बात कही।

इस मामले में शहरी विधायक प्रमोद विज ने कहा कि मीट दुकानदार जब तक स्लॉटर हाउस का इंतजाम नहीं हो जाता है शहर में अंदर काम करेंगे। धार्मिक स्थल और स्कूलों के सामने और आसपास मीट बेचने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है। बच्चों पर भी गलत असर पड़ता है। मीट दुकानदार ट्रेड लाइसेंस ले लें। दुकानों पर दरवाजे लगाएं। सामान अंदर ही रखें। शहर में 9 दिसंबर के बाद खुले में मीट बेचने की इजाजत नहीं होगी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

 

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