वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
अधिनियम के तहत तीन पुलिसकर्मी का भी चालान काट दिया गया है। बिना हेलमेट पहने तीन दोपहिया वाहन चला रहे हवलदारों का चालान काटा गया। इस चालान में अधिनियम में संसोधन के बाद जुर्माना एक हजार तो वहीं धारा 210बी के तहत हेड कांस्टेबल को जुर्माना राशि दोगुना यानि दो हजार रुपये भरनी होगी। साथ ही जिला ट्रैफिक डीएसपी के आदेशों अनुसार, हेड कांस्टेबल पर विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा बिना हेलमेट पहने थानों में पहुंचे 4 पुलिसकर्मियों को भी चेतावनी देकर थानों से वापस लौटाया गया।


स्काई लार्क मोड़ के पास हाइवे के नीचे, कोर्ट से दुपहिया वाहन पर सवार होकर एक हेड कांस्टेबल निकला। जिसने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। जिस पर ट्रैफिक पुलिस की नजर पड़ी। ट्रैफिक पुलिस ने हेड कांस्टेबल को वहीं पर रोक लिया व उसका हेलमेट का चालान काट दिया। वाहन के बाकी सभी दस्तावेज चेक किए गए, जो कि हेड कांस्टेबल के पास मौजूद थे। ट्रैफिक एसएचओ विक्रांत ने उक्त पुलिसकर्मी का चालान काटते हुए, भविष्य में दोबारा यातायात के नियमों का उल्लंघन न करने की सख्त हिदायत भी दी है। इसके अलावा सेक्टर 13-17 मोड़, लाल बत्ती चौक पर दो अन्य हवलदारों के चालान काटे गए।
मोटर वाहन अधिनियम और धारा 210बी के तहत भरने होंगे 2 हजार, होगी विभागीय जांच:उक्त हेड कांस्टेबल को बिना हेलमेट का जुर्माना नए मोटर वाहन अधिनियम के अंर्तगत 100 रुपये की जगह एक हजार भरने होंगे। साथ ही धारा 210बी (कानून के रखवाले ही कानून को तोड़े) के तहत हेड कांस्टेबल को एक हजार की जगह दो हजार रुपयों का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा उक्त हेड कांस्टेबल के खिलाफ डीएसपी ट्रैफिक के आदेशानुसार विभागीय जांच भी की जाएगी।


थाना शहर, थाना सेक्टर 13-17, थाना सदर, थाना मॉडल टाउन, थाना इसराना, थाना बापौली को डीएसपी ट्रैफिक की ओर से मोटर वाहन के तहत वाहन चेकिंग व कार्रवाई अमल में लाने पर नोटिस जारी किया गया। जिसमें साफ तौर लिखा गया है कि इन थाना पुलिस ने नए मोटर व्हीकल अधिनियम के अनुसार कोई भी चालान नहीं किया गया है। इसके अलावा पहले की रिपोर्ट का भी अवलोकन किया गया, जिससे पाया गया है कि उक्त सभी थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज वाहनों की जांच नहीं करते हैं। जिसके कारण वाहन चोरी व अन्य वारदात बढ़ रही है।


नोटिस में लिखा है कि अक्सर आम जनता से शिकायतें मिलती हैं कि पुलिस अधिकारी व कर्मचारी ही दुपहिया वाहन पर हेलमेट व चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करते हैं। यातायात के नियमों की उल्लंघन पुलिसकर्मी ही करते हैं, जोकि काफी निंदनीय है। साथ ही लिखा कि अगर कानून के रखवाले ही कानून को तोड़ेंगे, तो पुलिस आम जनता को रोकने-टोकने का भी अधिकार नहीं जता सकती है। किसी भी तरह की कोताही में स्वयं पुलिसकर्मी ही जिम्मेदार होंगे।
वही एसपी सुमित कुमार का कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर है। इसमें चाहे कोई पुलिसकर्मी हो, सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी हो, किसी को भी कानून तोड़ने का अधिकार नहीं है। आमजन के साथ-साथ पुलिसकर्मियों पर यातायात के नियमों की उल्लंघन पर कड़ा शिकंजा कसा जाएगा। चालान के साथ-साथ जिले में यातायात के नियमों के प्रति स्कूल, कॉलेज सहित अनेकों जगहों पर जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
TEAM VOICE OF PANIPAT

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