वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

हरियाण में धान घोटाले को लेकर काफी समय से जहां सरकार में घमासान मचा है, वहीं कैथल में कुरुक्षेत्र रोड पर स्थित मस्ताना राइस मिल में सीबीआइ की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान एक साथ दो टीमों ने हुडा सेक्टर स्थित निवास और मिल में कार्रवाई की। रिजर्व बैंक के अधिकारी और बैंक की तरफ से वकील भी इस कार्रवाई में मौजूद रहे।

इस दौरान टीम ने पूरा रिकार्ड खंगाला और राइस मिल में किसी भी कर्मचारी को अंदर से बाहर और बाहर से अंदर नहीं आने दिया। बताया जा रहा है कि राइस मिल का बैंकों के साथ करोड़ों रुपये का लेनदेन है, इसी के चलते इस तरह की कार्रवाई हुई है। इस मिलर पर बैंक का करीब 400 करोड़ रुपये का कर्ज बताया जा रहा है। सीबीआइ की टीम बुधवार शाम को ही कैथल पहुंच गई थी।

जानकारी अनुसार यह राइस मिल करीब 25 से 30 सालों से चल रही है। बैंक की करोड़ों रुपये की राशि का भुगतान नहीं करने के आरोप लगे हैं जिस कारण करीब एक साल से मिल बंद कर दिया गया था। इस मिल को किसी दूसरे राइस मिलर को किराये पर दिया हुआ था। आरबीआइ की तरफ से मिल के बाहर सुरक्षा गार्ड भी तैनात किया गया है। इस राइस मिल की ओर से बैंक के साथ-साथ मंडी आढ़तियों की भी करोड़ों रुपये की राशि बकाया है। बैंकों से लिए गए करोड़ों रुपये के लोन का भुगतान नहीं होने के कारण सीबीआइ की टीम ने यहां छापेमारी की। मिल और निवास पर अलग-अलग गाडिय़ों में अधिकारी पहुंचे। जैसे ही टीम मिल में पहुंची तो वहां मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति अंदर न आए और यहां मौजूद कर्मचारी बाहर न जाए। सीबीआइ की इस कार्रवाई को लेकर मिल में सन्नाटा सा पसरा रहा। अधिकारियों ने बंद कमरे में बैठकर रिकार्ड को खंगाला।

मस्ताना राइस मिल में सीबीआइ की इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मचा है जैसे ही व्यापारियों को इस कार्रवाई की जानकारी मिली तो वे एक दूसरे को फोन कर इसकी जानकारी जुटाते नजर आए। कई व्यापारियों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि एक तो पहले ही व्यापारी मंदी की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार मिलरों पर इस तरह की कार्रवाई कर व्यापार को ठप करने का काम कर रही है।

TEAM VOICE OF PANIPAT…..

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