वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह)

दो दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला के अंतर्गत अध्यापकों ने तकनीकी युक्त शिक्षण संबंधी युक्तियाँ ग्रहण की…इस दो दिवसीय कार्यशाला की मेज़बानी डी0ए0वी0 पुलिस पब्लिक स्कूल, पानीपत द्वारा की गई। इस कार्यशाला का ऑनलाइन निरीक्षण डी0ए0वी0 संस्था से प्रत्येक विषय के विषय विशेषज्ञ, शिक्षण समन्वयक एस0एस0 चौधरी, क्लस्टर हेड ऋतु दिलबागी (प्रधानाचार्या डी0ए0वी0 थर्मल), प्रधानाचार्या अनुपमा सिन्हा, प्रधानाचार्य हरीश पांचाल, प्रधानाचार्या सपना गोयल निरीक्षक के रूप में ऑनलाइन उपस्थित रहें।

डी0ए0वी0 संस्था के निर्देशानुसार अध्यापकों को आधुनिक तकनीक से अवगत कराने हेतु 26-27 जून 2020 को दो दिवसीय ऑनलाइन क्षमता निर्माण कार्यशाला के अंतर्गत शिक्षण अधिगम संबंधी युक्तियां ग्रहण की। इस ऑनलाइन कार्यशाला की मेज़बानी डी0ए0वी0 पुलिस पब्लिक
स्कूल पानीपत द्वारा की गई। इस कार्यशाला के अंतर्गत पानीपत जोन के सभी सभी डी0ए0वी0 स्कूल जिसमें डी0ए0वी0 हुड्डा, डी0ए0वी0 थर्मल, डी0ए0वी0 समालखा एवं डी0ए0वी0 पुलिस
पब्लिक स्कूल के अध्यापकगण ऑनलाइन उपस्थित रहे।

यह ऑनलाइन कार्यशाला Google Meet द्वारा आयोजित की गई। प्रत्येक दिन 4-4 सत्र आयोजित किए गए। सबसे पहला सत्र ऑनलाइन शिक्षण प्रणाली की जानकारी देने हेतु रखा गया जिसके अंतर्गत ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन, मूल्यांकन आदि प्रक्रिया प्रयोगात्मक तरीके द्वारा सिखाई गई। तदुपरांत प्रत्येक विषय के विभागाध्यक्ष द्वारा अलग-अलग सत्र का आयोजन करवाया गया जिसके अंतर्गत अपने अपने विषय से संबंधित कठिनाइयों पर परिचर्चा, पाठ्यक्रम बदलाव, कक्षा-कक्ष में आने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दो दिवसीय कार्यशाला के अंतर्गत सभी स्कूलों से अनेक प्रशिक्षकों ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी।

इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमता का संवर्धन एवं विकास करना रहा। कार्यशाला पूर्णता: डी0ए0वी0 संस्था के दिशा-निर्देश अनुसार संचालित हुई। कुशल प्रशिक्षकों के दक्ष निर्देशन में विषय की बारीकियों एवं शिक्षण-अधिगम में प्रतिदिन होने वाले नवीन शोध पर चर्चा कर विचार किया गया। प्रधानाचार्या अनुपमा सिन्हा ने अध्यापकों को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञानार्जन स्वप्रयत्न से किया जाता है। आज संपूर्ण विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। वही हमारा यही कर्तव्य बनता है हम शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को तकनीकी से इस प्रकार जोड़ें कि
किसी भी परिस्थिति में हमारे बच्चों की शिक्षा बाधित ना हो और अध्यापकों को तो हमेशा सीखते रहना चाहिए ताकि वह सही समय पर सही दिशा में बच्चों का मार्गदर्शन कर सके। यही समय की माँग है।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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