वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह):- कोरोना काल में लगे लॉक डाउन के चलते जहां स्कूल भी बंद थे, ऐसे में अब स्कूल की फीस को लेकर स्कूल और अभिभावक आमने-सामने हैं। लेकिन कोर्ट का फैसला है कि विद्यार्थियों की कक्षाएं लगी हों या नहीं लेकिन अभिभावकों को पूरी स्कूल फीस का भुगतान करना ही होगा।

राजस्थान के निजी स्कूलों की फीस के मामले में दिया सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश हरियाणा और पंजाब में भी लागू होगा। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अभिभावकों को छह किस्तों में फीस जमा कराने की छूट दी है। साथ ही कहा कि फीस जमा नहीं करवाने पर स्कूल छात्र का नाम नहीं काट सकेंगे और न ही परीक्षा में बैठने से रोक सकेंगे।

स्कूल सत्र 2019-20 में तय की फीस ही 2020-21 के लिए ले सकेंगे। पांच मार्च से पांच अगस्त तक किस्तों में फीस वसूल सकेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी के अभिभावकों को फीस भरने में परेशानी है तो वह स्कूल को जानकारी दे सकते हैं।

स्कूलों को आदेश दिया है कि उनके पास ऐसी अर्जी आती है तो सहानुभूति दिखाते हुए निर्णय लें। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों पर सुनवाई 26 मई तक स्थगित कर दी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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