वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
प्रदेश में गुटबाजी के चलते पांच साल में एकाध को छोड़कर कांग्रेस के विधायकों और पूर्व विधायकों ने पार्टी में चंदा नहीं जमा कराया। प्रदेश कांग्रेस के खाली पड़े कोष में चंदा एकत्र करने के लिए विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जुगत भिड़ाई गई है।
अब निर्णय लिया कि विधानसभा में चुनाव लड़ने के इच्छुक सभी नेताओं को आवेदन करना होगा। शर्त ये होगी कि सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार को 5000 और रिजर्व कैटेगरी के लिए 2000 रुपए फीस जमा कराना होगी। पार्टी के विधायक और पूर्व विधायक समेत सभी को आवेदन की फीस देना अनिवार्य है।


पार्टी के पूर्व पदाधिकारी पहले भी विधायक एवं पूर्व विधायकों को पार्टी फंड में चंदा जमा कराने के लिए नोटिस तक दे चुके हैं। फिर भी काफी नेताओं ने राशि जमा नहीं कराई है। अब इन सभी नेताओं से राशि ली जाएगी। जिन आवेदकों ने टिकट के लिए आवेदन चंडीगढ़ या नई दिल्ली में किया है, इन्हें फीस के साथ प्रोफॉर्मा भरकर ताजा आवेदन करना होगा।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष तरुण भंडारी के अनुसार पिछले पांच साल में उन्होंने खुद विधायकों व पूर्व विधायकों को पार्टी का चंदा देने के लिए नोटिस दिए थे, लेकिन कुछ पूर्व विधायकों को छोड़कर किसी ने चंदा नहीं दिया। पार्टी के विधायक को अपने एक साल के वेतन में से एक माह का वेतन व पूर्व विधायक को पेंशन में से एक माह की पेंशन पार्टी चंदे में जमा कराना होती है। अब पार्टी का कोष न के बराबर ही है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा के अनुसार पार्टी बेहतर चेहरों को चुनाव में उतारेगी। प्रत्याशियों की सूची को लेकर कांग्रेस जल्दबाजी में नहीं है। पार्टी केवल चुनाव जीतने वाले लोगों को ही टिकट देगी।
प्रदेशाध्यक्ष ने साफ किया कि बसपा से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। कांग्रेस के सभी नेता एक साथ हैं। सभी से संपर्क कर रहे हैं। हर हालत में पार्टी सत्ता हासिल करने की योजना बना रही है। समय कम है, लेकिन फिर भी मेहनत करेंगे। पीसीसी अध्यक्ष को कभी चुनाव नहीं लड़ना चाहिए, उसे तो चुनाव लड़वाना चाहिए। जल्द ही पार्टी के नेताओं की नई दिल्ली में भी बैठक होगी। इसमें भी कई निर्णय लिए जाने की संभावना है। पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी।
TEAM VOICE OF PANIPAT

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