वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह):- भाजपा के हरियाणा प्रदेशाध्‍यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कृषि अध्यादेश को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है…इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि कृषि अध्यादेश किसान हितैषी और इसका किसानों को अच्‍छा फायदा मिलेगा….साथ ही कहा कि कृषि अध्यादेश की जानकारी के लिए बीजेपी अभियान चलाएगी और इसके जरिए 1400000 किसानों के घर तक जानकारी पहुंचाएगी….यही नहीं, उन्‍होंने हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रॉबर्ट वाड्रा को दलाल करार दिया है…..धनकड़ ने कहा कि ये दोनों पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहे हैं.

बरोदा में मिलेगी जीत

प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद पहली बार भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक लेने ओमप्रकाश धनखड़ पानीपत पहुंचे और आर्य कॉलेज के सभागार में कार्यकर्ताओं की बैठक ली, जिसमें शहरी और ग्रामीण विधायक सहित सभी मंडलों के कार्यकर्ता सहित भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी शामिल हुए….आपको बता दें कि कोरोना संक्रमण के बाद भाजपा की यह पहली बैठक है..इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि बरोदा उपचुनाव में कार्यकर्ताओं के सहयोग से पार्टी जीत हासिल करेगी………ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि विपक्ष मुद्दा हीन हो चुका है और उसके पास राजनीति करने के लिए कोई भी मुद्दा नहीं है. विपक्ष बेवजह इस कृषि अध्यादेश का विरोध कर रहा है…कांग्रेस खुद इस अध्यादेश को लागू करने की घोषणा अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर चुकी है और अब वही काम हमारी भाजपा सरकार ने कर दिया तो विरोध कर रहे हैं…कांग्रेस को देश के किसानों से कोई लगाव नहीं है और अगर उन्हें लगाव होता तो इतने सालों तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू क्यों नहीं किया….हमारी सरकार ने उनकी सरकार के समय बनाई गई स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया..फसलों का एमएसपी बढ़ाया और आगे भी एमएसपी महंगाई के अनुसार बढ़ता रहेगा…

किसानों के पास है ये मौका

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों को हमारी सरकार ने किसानों की फसल के दाम 3 दिन में मिलने का वादा किया है….अगर किसी कारण यह दाम तय सीमा के अंदर नहीं मिलते तो एसडीएम को 30 दिन के अंदर उसका समाधान करने का आदेश दिया…यह अध्यादेश किसानों को मंडी से बाहर फसल बेचने पर टैक्स से मुक्ति प्रदान करेगा…अब किसान कहीं भी अपनी फसल ले जाकर बगैर किसी टैक्स के बेचने के लिए स्वतंत्र है.. इस अध्यादेश से किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत किसानों का कोई भी शोषण नहीं कर सकेगा…किसान और कंपनी के एग्रीमेंट की अवधि समाप्त होते ही खेत पर किसान अपना अधिकार कर सकता है, उसको कोई नहीं रोक पाएगा…..इस अध्यादेश के जरिए अनाज, दलहन, खाद्य तेल, आलू और प्याज को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया गया है. वहीं, भारतीय किसान खुद की पैदावार का स्टोरेज कर सकेगा.

TEAM VOICE OF PANIPAT

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