वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर का किनारा अलग-अलग रंग की रोशनी से जगमग हो गया है। इस महोत्सव के ब्रह्मसरोवर तट पर दूर दराज से आने वाले पर्यटक लोक संस्कृति, नृत्य और शिल्पकलाओं का आनंद ले रहे है। इस महोत्सव की शिल्प कला और लोक कला को देखने के लिए रूस और बंगलादेश के सैलानी भी पहुंचें है।

गीता महोत्सव में रूस से 15 सैलानियों का एक ग्रुप और बंगलादेश से 7 सैलानियों का एक ग्रुप शिल्प और सरस मेले के साथ-साथ महोत्सव का आनंद लेने के लिए पहुंचा। महोत्सव में उत्तर क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र पटियाला की तरफ से विभिन्न प्रदेशों से लोक कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश की लोक संस्कृति को अपने नृत्यों और पारम्परिक वेश भूषा के माध्यम से प्रदर्शित किया।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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