वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

कोरोना वायरस का असर पानीपत के निर्यात उद्योगों पर देखने को मिल रहा है…अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने आर्डरों की डिलीवरी रोकने के लिए ईमेल देना शुरू कर दिया है…निर्यातकों को उम्मीद है कि गर्मी शुरू होते ही वायरस खत्म हो जाएगा…तब आर्डर डिलीवर हो सकेंगे…निर्यात संगठनों के संघ फियो, पानीपत एक्सपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक ज्यादा रोजगार देने वाला लघु और मध्यम उद्योग क्षेत्र इससे बुरी तरह प्रभावित होगा…वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कालीन, हस्तशिल्प, हैंडीक्राफ्ट, होम फर्निसिंग जैसे क्षेत्र में काम करने वाले लघु उद्योगों पर अधिक असर होगा..

पानीपत से 10 हजार करोड़ का निर्यात यूरोपियन, यूएसए सहित अन्य देशों का होता है..इन देशों में भी आवाजाही भी बंद हो रही है..विदेशों में शोरूम से खाने पीने की चीजों के साथ-साथ दवाएं मिल रही हैं…लग्जरी आइटम की खरीद नहीं की जा रही है..अभी पुराने ऑर्डर तैयार करने में उद्योग जुटे हुए हैं..नए आर्डर भी नहीं मिल पा रहे..निर्यात उद्योगों से पानीपत के अन्य असेसरी उद्योग जुड़े हैं…पिछले दो दिनों में खाने पीने विशेषकर दाल दलहन, आटा, घी, मैदा, बेसन, मसालों के मांग में बढ़ गई है…पानीपत में गुड़ मंडी में किराना का थोक बाजार है…रात को 11-11 बजे तक पिछले दो दिनों से बाजार खुला…बहुत से लोगों ने तीन-तीन माह तक का राशन खरीद कर लिया है..थोक विक्रेताओं ने भाव में बढ़ोतरी नहीं की है…कंपनियों ने भी भाव नहीं बढ़ाए हैं..रिटेलर ने दाम में वृद्धि जरूर की है…आटा मिलों से डिलीवरी तक नहीं मिल रही…

शुक्रवार को भी गुड़ मंडी बाजार में जाम की स्थिति रही..किराना दुकानदारों ने बताया कि वे समझा भी रहे हैं, लेकिन लोग नहीं मान रहे..सामान की कमी नहीं आने दी जाएगी…एक साथ ज्यादा होर्डिग होने से परेशानी हो रही है..बाजार में भरपूर मात्रा में राशन का सामान है.

TEAM VOICE OF PANIPAT

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