वायस आफॅ पानीपत(देवेंद्र शर्मा)- फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षा को लेकर सरकार बैकफुट पर आ गई है। इसके चलते उच्चतर शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा करवाने का फैसला लिया है। अब प्रदेश में सरकार द्वारा परीक्षा न लेने वाला फैसला मान्य न होकर नया फैसला लागू होगा। इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों को फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षा सितंबर माह के अंत तक संपन्न करवानी होगी। जिसके लिए अब विद्यार्थियों को पुनः तैयारी करनी होगी। इस बारे में सभी कॉलेजों के प्राचार्यों व विवि के कुलपति ने परीक्षा आयोजित करवाने के लिए सुझाव भी मांगे थे।

यूजीसी ने 30 सितंबर तक फाइनल ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके विरोध में 31 विद्यार्थियों की तरफ से सुप्रीम काेर्ट में याचिका दायर की गई है। जिस पर 14 अगस्त को सुनवाई होनी है। वहीं इससे पहले प्रदेश सरकार ने बिना परीक्षा के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को प्रमोट करने का अपना फैसला वापिस ले लिया है।

सरकार द्वारा परीक्षा न करवाकर प्रमोट करने का फैसला वापस लेने से सभी विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। सरकार द्वारा यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना लेना किसी के हित में नहीं है। इनसो छात्र संघ इसका विरोध करेगा व किसी भी हाल में परीक्षा नहीं देंगे। परीक्षा आयोजित की जाती है तो हम परीक्षा का बहिष्कार करेंगे।-हरिंद्र बेनीवाल, अध्यक्ष, इनसो, जीजेयसरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। इससे पहले परीक्षा को लेकर लिया अपना ही फैसला वापिस लेना सरकार की जल्दबाजी है। किसी भी संस्थान के पास इतना इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग से परीक्षा आयोजित कर सके।डॉ. कुलदीप आर्य, डायरेक्टर, इंपीरियल कॉलेज, हिसार।यूनिवर्सिटी की तरफ से जिस प्रकार भी परीक्षा करवाने के निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा। एक कमरे में 20 विद्यार्थियों को बैठा परीक्षा की जा सकती है। पहले भी 6 जून को परीक्षा आयोजित करवाने के लिए कॉलेज तैयार थे। अभी भी सरकार के फैसले के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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