वायस आफॅ पानीपत(देवेंद्र शर्मा):लघु सचिवालय स्थित तहसील कार्यालय में 17 अगस्त को भी मकान-दुकान, कृषि भूमि-प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। वेब हेलरिस साफ्टवेयर अपडेट नहीं होना, इसका कारण बताया गया है। ई-रजिस्ट्री के लिए भी किसी ने आवेदन नहीं किया। रजिस्ट्रियां शुरू करने के संबंध में भी सरकार से कोई गाइडलाइन नहीं मिली है।

दरअसल, टाउन एंड कंट्री प्लानिग विभाग अर्बन एरिया की कृषि भूमि को भविष्य की प्लानिग के लिए रोककर उसे 7-ए अधिसूचित एरिया घोषित करता है। प्रदेश सरकार ने 3 अप्रैल 2017 को हरियाणा डेवलपमेंट एंड अर्बन रेगुलेशन एक्ट 1975 की धारा 7-ए में संशोधन किया था। इसमें खाली जमीन की जगह कृषि और एक हेक्टेयर की जगह लिमिट दो कनाल कर दी थी। दो कनाल से ज्यादा भूमि की रजिस्ट्री के लिए एनओसी जरूरी नहीं रही। इस लचीले संशोधन का लाभ कई जिलों के प्रॉपर्टी डीलरों ने खूब उठाया। प्रदेश के 32 शहरी निकायों के कंट्रोल एरिया में हुई रजिस्ट्रियों में गड़बड़ियां हुई। इसके बाद 21 जुलाई को सरकार ने किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। तहसीलदार पानीपत डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि 17 अगस्त से रजिस्ट्रियां शुरू होने की उम्मीद थी। वेब हेलरिस सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ, रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने पर ही काम शुरू होगा।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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