वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)

भारत सरकार ने 59 मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया है. देश की रक्षा, सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता और लोगों की निजता का हवाला देते हुए ये सभी ऐप बैन किए गए हैं. इनमें टिकटॉक जैसे मशहूर चाइनीज ऐप भी शामिल हैं. साथ ही शेयरइट और कैम स्कैनर जैसे उपयोगी ऐप भी बैन कर दिए गए हैं.

अब सवाल ये है कि ये ऐप किस तरह बैन किए जाएंगे. क्या सिर्फ नए ऐप डाउनलोड करने की सुविधा खत्म की जाएगी या मोबाइल में पहले से ही मौजूद ऐप भी काम करना बंद कर देंगे. सरकार के फैसले के हिसाब से समझते हैं कि अब आगे क्या होगा. 10 प्वाइंड में समझें, क्यों लिया गया ये फैसला, कैसे होगा लागू और क्या होगा इसका असर

1- आईटी एक्ट की धारा 69-A के तहत केंद्र सरकार ने ये फैसला किया है. सरकार ने कहा है कि ये ऐप भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा थे, इसलिए मोबाइल और नॉन-मोबाइल इंटरनेट डिवाइस में इन्हें बैन किया गया है. यानी मोबाइल के अलावा किसी अन्य माध्यम से भी इन ऐप्स को इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

2- सूचना एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि उन्हें मोबाइल ऐप के गलत इस्तेमाल की जानकारी मिल रही थी. यूजर्स का डाटा भारत से बाहर ट्रांसफर किया जा रहा था.

3- सरकार की तरफ से जो आदेश आया है, उसमें अभी तक ये रूपरेखा नहीं स्पष्ट की गई है कि बैन किस तरह से किया जाएगा. हालांकि, इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से इन ऐप को ब्लॉक करने के लिए कहा जा सकता है.

4- मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि इन सभी ऐप यूजर्स को जल्द ही मैसेज मिल सकता है कि सरकार के आदेश पर ये ऐप बैन कर दिए गए हैं. यानी आपके मोबाइल में इन 59 में से जितने भी ऐप हैं, उनके बैन होने की जानकारी मैसेज के जरिए मिल सकती है.

5- अब ये सभी ऐप कब तक चलता है या इसका एक्सेस भी बंद हो जाएगा, ये अभी स्पष्ट नहीं है. साथ ही ऐप पर पहले से मौजूद आपके वीडियोज क्या सुरक्षित रहेंगे या नहीं, ये भी अभी जानकारी आना बाकी है.

6- ये तय है कि सभी 59 ऐप आगे डाउनलोड नहीं की जा सकेंगी. इनमें वो ऐप भी होंगे जिनके लिए एक्टिव इंटरनेट जरूरी नहीं है.

7- 59 ऐप बैन होने का भारतीय यूजर्स पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा. क्योंकि इनमें सभी तरह के ऐप शामिल हैं. कुछ ऐप लोगों के एंटरटेनमेंट के लिए हैं तो कुछ का इस्तेमाल प्रोफेशनल लेवल भी किया जाता है. कुछ ऐप ऐसे भी हैं जो आपका काम आसान बनाते हैं. टिकटॉक के फिलहाल 100 मिलियन एक्टिव यूजर्स हैं. साथ ही Helo, Like जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बड़ी तादाद में भारतीय यूजर्स हैं.

8- ये ऐप भले ही चीनी हों, लेकिन इनसे भारतीय लोगों का रोजगार भी चलता है. ज्यादतार ऐप के भारत में ऑफिस हैं और बड़ी संख्या में वहां लोगों को रोजगार मिला है. ऐसे में जबकि कोरोना संकट काल में देश बेरोजगारी की समस्या से पहले ही जूझ रहा है, ऐसे में इन ऐप कंपनी से जुड़े लोगों की नौकरी पर भी संकट के बादल छा गए हैं.

9- एक सवाल ये है कि क्या इन ऐप पर बैन परमानेंट होगा या कुछ वक्त के लिए. हालांकि, सरकार ने इन ऐप से देश की रक्षा, सुरक्षा और निजता को खतरा बताया है, ऐसे में आगे क्या इनसे बैन हटाया जा सकता है ये अनुमान थोड़ा मुश्किल है. लेकिन मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर पिछले साल कुछ दिन के लिए टिकटॉक पर बैन लगाया गया था, लेकिन कोर्ट का आदेश हटते ही ऐप वापस आ गया था.

हालांकि, अभी सरकार ने जो वजह बताई हैं, वो बेहद गंभीर हैं. साथ ही चीन के साथ भी भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हैं. ऐसे में कहा ये भी जा रहा है कि इन ऐप पर बैन के जरिए सरकार चीन को सबक भी सिखाना चाहती है.

TEAM VOICE OF PANIPAT

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