Breaking News

कठुआ रेप-मर्डर केस में सांजी राम समेत 6 आरोपी दोषी करार, 1 बरी

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
पिछले साल की शुरुआत में पूरे देश को झकझोर देने वाली जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुई रेप और मर्डर की घटना पर आज फैसला सुनाया गया. 8 साल की बच्ची के साथ रेप करने वाले कुल सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. पठानकोट की अदालत ने मुख्य आरोपी सांजी राम समेत अन्य 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इसके अलावा सातवें आरोपी विशाल को बरी कर दिया गया है.
जिन 6 आरोपियों की दोषी करार दिया गया है, उसमें ग्राम प्रधान सांजी राम (मुख्य आरोपी), दीपक खजुरिया, परवेश दोषी, तिलक राज, आनंद दत्ता, सुरेंद्र कुमार शामिल हैं. जबकि सांजी राम का बेटे विशाल को बरी कर दिया है.


कठुआ मामला जब सामने आया था तो देश ही नहीं दुनिया में इसने सुर्खियां बटोरी थीं. आम आदमी से लेकर बॉलीवुड के सेलेब्रिटी भी इंसाफ की गुहार लगा रहे थे. इस मामले में पुलिस ने कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक को नाबालिग बताया गया. हालांकि, मेडिकल परीक्षण से यह भी सामने आया कि नाबालिग आरोपी 19 साल का है. पूरी वारदात के मुख्य आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया था.
बता दें कि शुरुआत में इस मसले को जम्मू कोर्ट में सुना गया लेकिन बाद में पठानकोट कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई जहां पर आज इसका फैसला सुनाया गया. इस फैसले को देखते हुए पठानकोट कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था. यहां पर एक हज़ार से अधिक पुलिसकर्मियों को मुस्तैद किया गया, साथ ही बम निरोधक दस्ता, दंगा नियंत्रक दस्ता भी यहां पर तैनात रहे.
जिन 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया, पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार, रसाना गांव का परवेश कुमार, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज, पूर्व राजस्व अधिकारी का बेटा विशाल और उसका चचेरा भाई (जिसे नाबालिग बताया गया) शामिल था. इसके अलावा मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान सांजी राम भी पुलिस की गिरफ्त में है.


कठुआ गैंगरेप मामले में SC के पास इसका ट्रायल चंडीगढ़ शिफ्ट करने और मामले को CBI को देने संबंधी याचिकाएं मिली थीं. पीड़िता के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस को जम्मू-कश्मीर से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लेते हुए मामले की सुनवाई पंजाब में पठानकोट कोर्ट को ट्रांसफर किया था. SC ने इस मामले की CBI जांच की मांग को खारिज कर दिया था.
कठुआ रेप की घटना 10 जनवरी, 2018 को हुई थी. परिवार के मुताबिक, बच्ची 10 जनवरी को दोपहर में घर से घोड़ों को चराने के लिए निकली थी और उसके बाद वो घर वापस नहीं लौटी थी. करीब एक हफ्ते बाद 17 जनवरी को जंगल में उस बच्ची की लाश मिली थी. मेडिकल रिपोर्ट में पता चला था कि बच्ची के साथ कई बार कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार हुआ है और पत्थरों से मारकर उसकी हत्या की गई है. उसके बाद बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या पर देशभर में काफी बवाल मचा था.
TEAM VOICE OF PANIPAT

leave a reply