डांसर काजल के प्रेमी शुभम ने जमींदार अघी के अपहरण के बाद एजेंसी में छिपा दी थी कार, कैसे दिया वारदात को अंजाम जाने

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
मॉडल टाउन के नरेश अघी के अपहरण के मामले में खुलासा हुआ है कि हरियाणवी डांसर काजल के प्रेमी शुभम ने आइ-20 गाड़ी अगस्त 2018 में अपने एक रिश्तेदार के नाम फाइनेंस पर खरीदी थी। उसने अपने प्रेमिका महिला डांसर और अपने दूसरे रिश्तेदारों को साथ बड़ी ही आसानी के साथ मॉडल टाउन के जमींदार नरेश अघी का अपहरण कर लिया था। वे उसी आइ-20 कार में उनको गाजियाबाद और सोनीपत के कुंडली में ले गए थे। 20 लाख की फिरौती लेने के बाद अघी को छोड़कर कार ठीक कराने के लिए गाजियाबाद की एक एजेंसी में खड़ा कर दिया। सीआइए-वन ने शुक्रवार को एजेंसी से गाड़ी को बरामद कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित ने कार की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अपहरण की वारदात को अंजाम दिया। गौरतलब है कि काजल अघी की मित्र थी और इसी का फायदा उठाते हुए उसने वारदात की पूरी कहानी तैयार की थी।


पुलिस के अनुसार डांसर काजल यादव ने मॉडल टाउन के करोड़पति जमींदार नरेश अघी के अपहरण और फिरौती वसूलने की वारदात की स्क्रिप्ट फिल्मी अंदाज में लिखी थी। इसकी निदेशिका खुद काजल यादव रही, लेकिन असली रोल शुभम त्यागी ने निभाया। उसने चचेरे भाई अंकित, फुफेरे भाई अमित और रिश्तेदार नरेंद्र त्यागी को सब्जबाग दिखाया। उनको राजी किया कि वे पांच घंटे में चार-चार लाख रुपये कमा सकते हैं। वे सब उसकी बातों में आ गए। आरोपितों ने इस तरह से अपहरण व फिरौती की वारदात को अंजाम दे डाला।
आरोपित शुभम ने बताया कि नरेश अघी की फिरौती से 20 लाख रुपये मिले थे। उसने 15 लाख रुपये अपने पास रख लिए थे। बाकी पांच लाख में से दो लाख काजल और बाकी तीनों को एक-एक लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने शुभम से 15 लाख रुपये गिरफ्तारी के दिन ही बरामद कर लिए थे।


काजल पहले कुंडली के पास मसाज पार्लर में काम करती थी। शुभम और काजल का दो साल से प्रेम चल रहा था। काजल मूल रूप से दिल्ली निवासी है। उसने काबड़ी गांव के अमित के साथ शादी की थी। उसकी एक बेटी है। काजल का पति से तलाक हो चुका है और वह किराये पर पुरेवाल कॉलोनी में रहती है। उसे हरियाणी गानों पर मॉडलिंग का शौक है।


शुभम स्नातक है और केनरा बैंक के क्लर्क का टेस्ट पास कर चुका है। फिलहाल, वह गली व सड़क निर्माण का ठेकेदार है। और अमित पुंडरी गांव का अमित 12वीं पास है। उसके पिता रामफल की आटा चक्की है। वह अब प्राइवेट बस पर कंडक्टर था। वही अंकित त्यागी शुभानपुर गांव का अंकित स्नातक पास है। वह क्लर्क भर्ती हुआ। अब मधुबन में पुलिस की 5वीं बटालियन में ट्रेनिंग क्लर्क है। अंकित ताऊ के बेटे शुभम की बातों में आ गया और जल्द रुपये कमाने के फेर में अपराध के रास्ते पर चल पड़ा। और नरेंद्र घसौली गांव का नरेंद्र एमए पास है। उसका अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। वह बेरोजगार है। उसने रुपये कमाने के लिए शुभम व अन्य दो रिश्तेदारों का अघी के अपहरण में साथ दिया।
पुलिस ने आरोपित शुभम की निशानदेही पर अपहरण में प्रयुक्त आइ-20 कार गाजियाबाद से बरामद कर ली है। बदमाशों ने फर्जी नंबर प्लेट बनवाकर गाड़ी का प्रयोग किया था। अभी 22 जुलाई तक रिमांड है। पुलिस आरोपितों को उससे पहले कोर्ट में पेश कर सकती है।
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