तीन सगे भाइयों के पांच हत्यारों को मरते दम तक कैद, पैरोल भी नहीं मिलेगी

वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा)
तीन सगे भाइयों की हत्या के दोषी पांच लोगों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पाराशर की अदालत ने बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई…अदालत ने दोषी शिल्ली, राजेश, विकास उर्फ विक्की, तेजवीर और मनजीत पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है..तीन अन्य अभियुक्तों सत्यवान, धर्मबीर, सुरजीत, वासुदेव को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया..अदालत ने स्पष्ट किया कि पांचों दोषी मरते दम तक जेल में रहेंगे..सजा के दौरान उन्हें पैरोल भी नहीं मिलेगा…


अभियोजन पक्ष के अनुसार 4 जनवरी 2013 को खरल निवासी गुरमीत खेतों से पशुओं का चारा लेकर घर आ रहा था..इसी दौरान उससे कुछ चारा एक खेत के साथ लगती पानी की नाली की मेड़़ पर गिर गया..इस पर खेत के मालिक राजेश ने विरोध किया..इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया तो राजेश ने फोन कर घरवालों को विवाद के बारे में बता दिया..

फोन से जानकारी पाने के बाद राजेश का भाई शिल्ली अपने परिवार के लोगों के साथ पहुंच गया और गुरमीत पर हमला करके घायल कर दिया। इसकी जानकारी गुरमीत के परिजनों को मिली तो उसका पिता राजकुमार, चाचा बलराज और ताऊ सतबीर खेत में पहुंच गए…
दोनों पक्षों में धारदार हथियारों से खूनी संघर्ष हुआ..इसमें सतबीर, राजकुमार, बलराज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और अमरजीत घायल हो गया..पुलिस ने गुरमीत की शिकायत के आधार पर गांव खरल निवासी शिल्ली, राजेश, विकास उर्फ विक्की, तेजवीर, गांव माजरा निवासी मनजीत, सत्यवान, धर्मबीर, सुरजीत, वासुदेव के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया..बचाव पक्ष ने तमाम दलीले दीं, लेकिन अदालत उनसे सहमत नहीं हुई और अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए पांचों अभियुक्तों को दोषी करार दिया…
TEAM VOICE OF PANIPAT

leave a reply

Voice Of Panipat

Voice Of Panipat