वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह)

दोस्त ही दोस्त की जान का दुश्मन बन गया। ऐसी ही वारदात हुई मॉडल टाउन की कोठी 88 एल में। यहां पर गर्मी से राहत पाने के लिए 14 साल का धीरेन पंखे के नीचे लेटने की जिद करने लगा। ऐसी ही जिद दोस्त 14 के किशोर की भी थी। जगह के लिए दोनों में ताकत का खेल चला। एक-दूसरे की गर्दन दबाई, लेकिन धीरेन शारीरिक रूप से कमजोर निकला और मारा गया। 

विडंबना ये है कि जिस पंखे के नीचे गद्दे पर सोने के लिए टकराव हुआ उसी गद्दे पर दोस्त ने मौत के आगोश में भी सुला दिया। दोस्त की मौत से बेखबर किशोर साथ लगते गद्दे पर सो गया और मकान मालिक तेजवीर के सामने अपनी करतूत भी उजागर कर दी। तब तक उन्हें अहसास नहीं था कि दोस्त उसे छोड़कर दुनिया से जा चुका है। ताउम्र उसके माथे पर हत्यारे की तोहमत लग चुकी है। वे अपने किए पर पछताया और रोया भी। पुलिस से छोड़ देने की गुहार भी लगाता लगा, लेकिन तब तक कानून की बेडिय़ां उसे जकड़ चुकी थी। 

पंखे के नीचे सोने को लेकर 14 वर्ष के दो किशोरों में कहासुनी हो गई। विवाद बढऩे पर दोनों एक-दूसरे का गला दबाने लगे। इसमें एक की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपित शव के पास ही गद्दा डालकर सो गया। सुबह उठने पर उसने मालिक को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने आरोपित किशोर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे मधुबन बाल सुधारगृह भेज दिया गया।

बिहार के जिला मधेपुरा के खंतरबासा गांव के धर्मेंद्र ने बताया कि वह छह माह से परिवार सहित सिरसा से पानीपत आया था। यहां वह जोशी गांव के एक व्यक्ति की डेयरी पर काम कर रहा है। परिवार में पत्नी काजल, तीन बेटे और एक बेटी है। बड़ा बेटा 14 वर्षीय बिपिन उर्फ धीरेन चार दिन पहले धीरेन मॉडल टाउन स्थित डेयरी मालिक की कोठी में आ गया। यहां पहली मंजिल पर 25 दिन से बिहार के जिला अररिया के एक गांव का 14 वर्षीय किशोर भी रह रहा था। वह दोनों गांव की डेयरी से आने वाले दूध की आसपास सप्लाई करते थे। शनिवार देर रात करीब साढ़े दस बजे पंखे के नीचे सोने को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। किशोर ने धीरेन की गला घोंटकर हत्या कर दी।  

हत्या आरोपित किशोर ने पुलिस को बताया कि कमरे में दो पंखे थे। मकान मालिक की पत्नी ने उसे व दोस्त धीरेन को एक पंखा चलाकर सोने को बोला था, ताकि बिजली की बचत हो सके। गत रात्रि दोनों ने कपड़े भी धोए थे और पंखे के नीचे सुखाने को डाल रखे थे। उसे नहीं पता था कि झगड़े में दोस्त की जान चली जाएगी। मामा भी उसे देखने नहीं आया।

सिविल अस्पताल में विलाप कर काजल कह रही थीं कि बेटे धीरेन को जोशी गांव से मॉडल टाउन में उन्होंने ही भेजा था, ताकि वे दू्ध सप्लाई कर सके। उन्हें भी सुकून था कि शहर में बेटे को रहने व सोने की सुविधा ज्यादा मिलेगी। बेटे से बात हुई तो वे खुश था। उसे नहीं पता था कि वे बेटे से अंतिम बार बात कर रही है। अब बेटा लौटकर नहीं आएगा। ये कहकर अचेत भी हो गई। 

TEAM VOICE OF PANIPAT

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