वायस ऑफ़ पानीपत कुलवन्त सिंह :-  त्योहारी सीजन आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को पहले नवरात्र के व्रत के बाद शाम को कुटटू के आटे से बनी सामग्री का सेवन किया तो एक ही परिवार के 11 लोगों समेत जिले में 50 से अधिक लोगों की तबियत बिगड़ गई। कुछ मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 28 मरीजों का पीजीआइ में उपचार चल रहा है।

शनिवार को पहले नवरात्र के अवसर पर जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने व्रत रखा। इस दौरान लोगों ने पहले व्रत की समाप्ति पर कुटटू के आटे से बनी पकौड़ी, परांठा समेत अन्य सामग्री का सेवन किया। पीजीआइ में भर्ती भरत कालोनी, जवाहर नगर,संजय नगर, काहनौर निवासी मरीजों ने बताया कि खाना खाने के बाद परिवार ठीक सोया था, लेकिन देर रात करीब एक बजे एक-एक परिवार के सदस्यों की तबियत खराब होने लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया।

शहर के विभिन्न इलाकों में कुटटू का आटा खाने से लोगों की सेहत बिगड़ने की सूचना पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पृथ्वी सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फूड सेफ्टी ऑफिसर डा. हर्ष कुमारी के नेतृत्व में शहर में छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने आटे का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। लोगों का स्वास्थ्य खराब होने से पहले यदि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम व्यापारियों को सख्त निर्देश देती और बेची जाने वाली सामग्री की सैंपलिग या अन्य प्रकार से जांच करती तो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़ता। फिलहाल टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों से कुल दस खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। त्याेहार सिर पर है, पर जिला खाद्य विभाग के अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी पहले से युद्ध लेवल में सैंपलिंग नहीं हुई।अब दिवाली से 2-3 दिन पहले अफसर सैंपल लेंगे। महीनों बाद उनकी रिपोर्ट आएगी, तब तक लोग खराब मिठाइयां व अन्य सामान खाकर बीमार पड़ जाएंगे।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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