वायस ऑफ पानीपत (कुलवन्त सिंह):- पानीपत नेफ्था क्रैकर संयंत्र में विभिन्न विभागों के द्वारा आग के खतरे से निपटने की तैयारियों तथा इस संबंध में स्थापित दिशानिर्देशों के अनुसरण में आपातकालीन कार्य प्रणाली के सही आंकलन करने हेतु एक ऑनसाइट आपदा ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कोविड-19 महामारी को देखते हुए यह मॉक ड्रिल फ़ेस मास्क एवं फ़ेस शील्ड, सैनिटाईजेशन, सोशल डिस्टेसिंग, तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए किया गया।

इस ड्रिल का परिदृश्य “स्विंग यूनिट के बुटेन-1 में सर्ज टैंक 415 की आउटलेट लाइन अपस्ट्रीम फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन गैस का रिसाव तथा आग को दर्शाया गया था। बुटेन-1 के सर्ज टैंक में आउटलेट लाइन अपस्ट्रीम फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन गैस के रीसाव की सूचना मिली, तत्पश्चात हाइड्रो जेटिंग मशीन से चिंगारी के कारण हाइड्रोकार्बन वाष्प में अचानक विस्फोट हुआ, जिसके परिणामस्वरूप अनियंत्रित वाष्प विस्फोट और जेट फायर हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा घोषित की गई तथा उसके बाद पानीपत नेफ्था क्रैकर एवं रिफाइनरी के संबन्धित कर्मचारी आग की रोकथाम मे लग गए।

आपातकालीन सायरन बजते ही फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियाँ साइट पर गई और ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव पर काबू करने के लिए वाटर कर्टन के माध्यम से आपातकाल नियंत्रण कार्य प्रारंभ किया। गोपाल चंद्र सिकदर, कार्यकारी निदेशक एवं रिफ़ाइनरी प्रमुख, पीआरपीसी को इस बारे तुरंत सूचना दी गई जो तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आंकलन करके लगभग एक घंटे के सफल प्रयास के बाद स्थिति पर पूरी तरह आग पर नियंत्रण करके  स्थिति सामान्य होने की घोषणा की गई।

ड्रिल के बाद एक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी, जहां आपातकालीन तैयारी योजना में और सुधार के लिए आपातकालीन समन्वयकों द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा सिकदर तथा संबन्धित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में की गई। यह डिब्रीफिंग सत्र रिफाइनरी मुख्यालय द्वारा निर्गत दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया जिसमे गैस व आग की रोकथाम के लिए और पूरी सावधानी के साथ-साथ तत्परता से कार्रवाई करने पर बल दिया गया।

गौरतलब है कि पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स (पीआरपीसी)  द्वारा आग और गैस जैसे खतरे से निपटने के लिए इस तरह के माक ड्रिल समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं… 

TEAM VOICE OF PANIPAT

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