वायस आफॅ पानीपत (कुलवन्त सिंह)- कोरोना के साये में शुरू हो रहे विधानसभा के संक्षिप्त मानसून सत्र में प्रदेश सरकार एक दिन के भीतर ही एक सप्ताह के कामों को निपटाने की कोशिश करेगी। दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि के बाद प्रश्नकाल में विधायकों के 20 सवालों पर जवाब दिए जाएंगे। सत्र में दस अध्यादेशों को बिल के रूप में पारित किया जाएगा, जबकि तीन नए अध्यादेश सदन पटल पर रखे जाएंगे।

पिछड़ा वर्ग ए को आठ फीसद आरक्षण के विधेयक सदन पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा विलेज कॉमन लैंड विधेयक भी सदन में पारित होगा। मानसून सत्र के लिए कुल 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मिले थे जिनमें से दो को मंजूर कर लिया गया, जबकि बाकी विचाराधीन हैं। खास बात यह कि दोनों ही स्वीकृत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव इनेलो विधायक अभय चौटाला ने लगाए हैं। इनमें से एक कोरोना काल के दौरान करोड़ों रुपये के रजिस्ट्री घोटाले से जुड़ा है, जबकि दूसरा शिशु मृत्यु दर से संबंधित है। रजिस्ट्री घोटाले पर विपक्ष के तेवर देख सदन में हंगामा तय है। चार काम रोको प्रस्ताव भी आए हैं, लेकिन इनमें से अभी कोई मंजूर नहीं हुआ है। कोरोना के चलते बदली परिस्थितियों में विधानसभा सत्र की समय अवधि को लेकर असमंजस बरकार है। विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा ने संकेत दिया कि एक दिन में भी सत्र खत्म किया जा सकता है। सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा के साथ ही कांग्रेस के कई विधायकों ने महामारी का हवाला देते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष को मानसून सत्र सिर्फ एक दिन चलाने की सलाह दी है।

पंचायतों में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण औमानसून सत्र के लिए कुल 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मिले थे जिनमें से दो को मंजूर कर लिया गया, जबकि बाकी विचाराधीन हैं। खास बात यह कि दोनों ही स्वीकृत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव इनेलो विधायक अभय चौटाला ने लगाए हैं। इनमें से एक कोरोना काल के दौरान करोड़ों रुपये के रजिस्ट्री घोटाले से जुड़ा है, जबकि दूसरा शिशु मृत्यु दर से संबंधित है। रजिस्ट्री घोटाले पर विपक्ष के तेवर देख सदन में हंगामा तय है। चार काम रोको प्रस्ताव भी आए हैं, लेकिन इनमें से अभी कोई मंजूर नहीं हुआ है।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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