वायस आफॅ पानीपत (कुलवन्त सिंह)- हरियाणा में लाॅकडाउन के दौरान शराब और रजिस्ट्री घोटाले के बाद अब होमगार्ड भर्ती घोटाला सामने आया है। प्रदेश में होमगार्ड की भर्ती पर रोक होने के बावजूद पहली जनवरी से 13 अगस्त के बीच 216 होमगार्ड भर्ती कर लिए गए। भर्ती करने के बाद इन होमगार्डों को विभिन्न जिलों में तैनात भी कर दिया गया। सबसे अधिक होमगार्ड फरीदाबाद जिले में भेजे गए हैैं। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के विभाग का यह मामला है। पुलिस व होमगार्ड दोनों गृह विभाग के अधीन आते हैैं। विज को विभिन्न जिलों से इस भर्ती घोटाले की शिकायतें मिलीं तो उन्होंने गृह विभाग के जरिये होमगार्ड शाखा से रिपोर्ट तलब की। कई दिनों तक रिपोर्ट देने में आनाकानी चलती रही, लेकिन विज ने जब सख्त रवैया अपनाया और फाइल पर नोटिंग शुरू कर दी तो यह घोटाला उभरकर सामने आया। होमगार्ड भर्ती घोटाला ठीक शराब व रजिस्ट्री घोटाले की तर्ज पर हुआ है। अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है।

आबकारी व राजस्व विभाग के मंत्री दुष्यंत चौटाला हैं। उनके सामने जब अपने विभागों में घोटाले की जानकारी आई तो उन्होंने भी विज की तरह ही इन घोटालों की जांच की पहल की। ऐसे में अब विज के उस बयान के भी सार्थक मायने नजर आ रहे हैैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैैं और दुष्यंत दोनों भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए काम कर रहे हैैं। गृहमंत्री अनिल विज के निर्देश पर गृह सचिव विजयवर्धन ने होमगार्ड विभाग से होमगार्ड भर्ती की विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। होमगार्ड विभाग की ओर से गृह विभाग को यह रिपोर्ट भेज दी गई है। होमगार्ड की भर्ती में मोटे लेनदेन की शिकायतें भी मंत्री को मिली। अनिल विज ने इन शिकायतों पर कड़ा नोटिस लेते हुए लिखित में होमगार्ड के कुल स्वीकृत पद और उनके विरुद्ध कार्यरत होमगार्ड तथा पिछले कुछ वर्षों खासकर इस साल हुई भर्ती के बारे में जानकारी तलब की।

यह रिपोर्ट गृह विभाग की ओर से जल्द ही गृह मंत्री विज को सौंप दी जाएगी, जिसकी विजिलेंस जांच के लिए मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखा जा सकता है। होमगार्ड विभाग ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें पहली जनवरी 2020 से 13 अगस्त 2020 तक की अवधि के दौरान कुल 216 होमगार्ड अलग-अलग जिलों में नियुक्त किए गए। सबसे अधिक फरीदाबाद जिला में 72 जवानों की नियुक्ति हुई है। यह भर्ती तब हुई, जब सरकार ने होमगार्ड की भर्ती पर पाबंदी लगाई हुई है। प्रदेश में होमगार्ड के कुल 14 हजार 25 पद स्वीकृत हैं। कुछ पदों को छोड़कर अधिकतर पद भरे हुए हैं। गृहमंत्री अनिल विज ने फाइल पर की नोटिंग में विभाग से इस बात का जवाब भी मांगा है कि भर्तियों पर पाबंदी के बावजूद होमगार्ड जवानों को कैसे और किसकी अनुमति से नौकरी पर रखा गया। रिपोर्ट को स्टडी करवाने के बाद विज इस मामले में कड़ी कार्रवाई के मूड में हैैं। हालांकि कुछ ऐसे होमगार्ड भी हैं, जो लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। अब सरकार ऐसे जवानों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। अगर फिर भी वे ड्यूटी ज्वाइन नहीं करते तो उन्हेंं हटा दिया जाएगा।

गृहमंत्री अनिल विज द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब इसकी आंच पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों पर आने की संभावना है। अनिल विज का अधिकारियों में खासा खौफ है। उनकी कार्यप्रणाली से शहरी निकाय विभाग के भ्रष्ट अधिकारी भी तंग हैैं। यही स्थिति स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की है। दो सीआइडी प्रमुखों से उनका विवाद रह चुका है। मौजूदा डीजीपी की कार्य प्रणाली से भी विज ज्यादा संतुष्ट नहीं हैैं। ऐसे में होमगार्ड की भर्ती में अनियमितताओं को आधार बनाते हुए कई अफसरों पर गाज डाली जा सकती है।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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