वायस ऑफ पानीपत (देवेंद्र शर्मा):- जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज नहीं रहे। उनका अमेरिका के न्यू जर्सी में निधन हो गया है। वह 90 वर्ष के थे। कोरोना वायरस महामारी के कारण लॉकडाउन के बाद से पंडित जसराज न्यूजर्सी में ही थे। उन्होंने आज सुबह आखिरी सांस ली। पंडित जसराज का पार्थिव शरीर विशेष विमान से अमेरिका से मुंबई लाया जाएगा।

बता दें कि पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। उनके परिवार की चार पीढ़‍ियां शास्त्रीय संगीत परंपरा को लगातार आगे पहुंचाती आ रही थीं। खयाल शैली की गायकी के लिए मशहूर पंडित जसराज मेवाती घराने से जुड़े थे। पंडित जसराज के पिता पंडित मोतीराम भी मेवाती घराने के संगीतज्ञ थे।जब पंडित जसराज महज तीन-चार साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। बताते हैं कि 14 साल की उम्र तक वो सिर्फ तबला सीखते थे। इसके बाद उन्होंने गायकी में कदम रखे और बाकायदा इसकी तालीम ली। फिर उनकी संगीत यात्रा इतनी खूबसूरत बनी कि साढ़े तीन सप्तक तक शुद्ध उच्चारण और स्पष्टता रखने की मेवाती घराने की विशेषता को आगे बढ़ाया। पंडित जसराज की शादी फिल्म डायरेक्टर वी शांताराम की बेटी मधुरा शांताराम से हुई थी।  

जसराज ने संगीत में कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए। शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के उनके प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में भी बनाया गया है। जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत सिखाया। उनके कुछ शिष्य नामी संगीतकार भी बने हैं।

TEAM VOICE OF PANIPAT

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